गुरुग्राम में बारिश का कहर! घंटों स्कूल बसों में फंसे बच्चे, एंबुलेंस भी जाम में अटकी
गुरुग्राम में भारी बारिश के बाद जलभराव से स्कूल बसें घंटों फंसी रहीं और एंबुलेंस समेत यातायात प्रभावित हुआ। प्रशासन ने 25 अगस्त को ऑनलाइन कक्षाओं और वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी है।
गुरुग्राम में सोमवार को हुई तेज बारिश ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। करीब एक घंटे की भारी बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव इतना बढ़ गया कि सड़कें तालाब जैसी नजर आने लगीं। स्कूल बसें घंटों पानी और ट्रैफिक जाम में फंसी रहीं, जिससे बसों में बैठे बच्चों के अभिभावकों की चिंता बढ़ गई। कुछ जगहों पर एंबुलेंस भी जलभराव और जाम के बीच फंसी दिखाई दीं।
चार घंटे तक बसों में फंसे रहे बच्चे
बारिश के बाद कई स्कूल बसों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ बसें चार घंटे तक रास्ते में फंसी रहीं। बच्चों के परिजन लगातार स्कूल और बस ड्राइवरों से संपर्क करने की कोशिश करते रहे। लंबे इंतजार ने बच्चों और उनके परिवारों दोनों की परेशानी बढ़ा दी।
जलभराव का असर सिर्फ स्कूल बसों तक सीमित नहीं रहा। दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे समेत शहर की कई प्रमुख सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कुछ प्रमुख रास्तों पर सामान्य यात्रा में लगने वाला समय कई गुना बढ़ गया। राजीव चौक, आईएफएफसीओ चौक, नरसिंहपुर, रेलवे रोड, सेक्टर-5, ओल्ड दिल्ली रोड और बसई रोड जैसे इलाके भी प्रभावित रहे। प्रशासन के अनुसार, दोपहर 1:30 बजे तक गुरुग्राम में करीब 70 मिमी बारिश दर्ज की गई थी।
25 अगस्त को ऑनलाइन होंगी स्कूल की कक्षाएं
स्थिति को देखते हुए गुरुग्राम प्रशासन ने 25 अगस्त को सरकारी और निजी स्कूलों तथा अन्य शैक्षणिक संस्थानों में ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने की सलाह दी है। इसका उद्देश्य छात्रों और स्टाफ को जलभराव और ट्रैफिक से जुड़ी परेशानियों से बचाना है।
प्रशासन ने कॉरपोरेट और निजी कार्यालयों के कर्मचारियों के लिए भी वर्क फ्रॉम होम की सलाह जारी की है। प्रशासन का कहना है कि इससे सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और नागरिक एजेंसियों को जलभराव वाले इलाकों में सड़क एवं ड्रेनेज से जुड़े जरूरी काम करने में मदद मिलेगी।
गुरुग्राम में हर मानसून जलभराव की समस्या सामने आती रही है। सोमवार की बारिश ने एक बार फिर शहर के ड्रेनेज और ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित इलाकों में यातायात सामान्य करना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
