धोनी की सफलता के पीछे छिपा है '7' का राज? जानिए अनोखा कनेक्शन
भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में शुमार महेंद्र सिंह धोनी का नाम आते ही उनकी शांत कप्तानी, फिनिशिंग अंदाज़ और जर्सी नंबर 7 सबसे पहले याद आता है। संयोग हो या व्यक्तिगत पसंद, लेकिन धोनी की जिंदगी में अंक 7 का खास स्थान रहा है। जन्मतिथि से लेकर जर्सी नंबर और लग्जरी गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन नंबर तक, यह अंक उनके साथ हमेशा जुड़ा रहा है।
जन्मतिथि से शुरू हुआ '7' का सफर
महेंद्र सिंह धोनी का जन्म 7 जुलाई 1981 को हुआ था। यानी तारीख भी 7, महीना भी साल का सातवां और जन्म वर्ष 1981 के अंकों को लेकर भी कई प्रशंसक इस अंक से जुड़ा संयोग बताते हैं। इसी वजह से कई लोग 7 को धोनी का लकी नंबर मानते हैं।
जर्सी नंबर 7 बनी पहचान
धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने पूरे करियर के दौरान जर्सी नंबर 7 पहनी। समय के साथ यह नंबर उनकी पहचान बन गया। उनके संन्यास के बाद भारतीय क्रिकेट में इस नंबर को एक खास विरासत के रूप में देखा जाता है और दुनिया भर में उनके प्रशंसक आज भी उन्हें "कैप्टन कूल नंबर 7" के नाम से याद करते हैं।
गाड़ियों के नंबर में भी दिखता है 7 का क्रेज
धोनी को महंगी बाइक और कारों का शौक है। उनके गैराज में कई लग्जरी वाहन मौजूद हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी कई गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन नंबर में 7781 या 7 से जुड़ा संयोजन देखने को मिलता है। उनकी चर्चित हमर SUV का नंबर भी 7781 बताया जाता है, जिसमें उनकी जन्मतिथि (7-7) और जन्म वर्ष (81) की झलक दिखाई देती है।
2007 टी20 विश्व कप से भी जुड़ा संयोग
धोनी की कप्तानी में भारत ने साल 2007 में पहला टी20 विश्व कप जीता था। क्रिकेट प्रेमी इस ऐतिहासिक जीत को भी उनके लकी नंबर 7 से जोड़कर देखते हैं। हालांकि यह महज एक रोचक संयोग माना जाता है, लेकिन प्रशंसकों के बीच इसकी चर्चा आज भी होती है।
प्रशंसकों के लिए 'लकी 7' का प्रतीक
धोनी ने कभी सार्वजनिक रूप से यह दावा नहीं किया कि नंबर 7 उनकी सफलता की वजह है, लेकिन उन्होंने इसे अपने करियर और निजी जीवन का अहम हिस्सा जरूर बनाए रखा। यही कारण है कि आज भी उनके करोड़ों प्रशंसकों के लिए नंबर 7, महेंद्र सिंह धोनी की पहचान बन चुका है।
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