धनबाद में भू-जल संरक्षण पर देशभर के विशेषज्ञों का मंथन
धनबाद। आईआईटी-आईएसएम धनबाद में शुक्रवार को भारतीय राष्ट्रीय भूजल सम्मेलन के छठे संस्करण की शुरुआत हुई। सम्मेलन में देश के अलग-अलग हिस्सों से वैज्ञानिक, शोधकर्ता, स्कॉलर्स और भूजल विशेषज्ञ शामिल हुए। कार्यक्रम में लगातार गिरते भूजल स्तर, जल संरक्षण, रिचार्ज, उपलब्धता, गुणवत्ता और भूजल के टिकाऊ इस्तेमाल जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
सम्मेलन के कन्वेनर प्रो. मृत्युंजय कुमार सिंह ने कहा कि भूजल स्तर में लगातार गिरावट चिंता का विषय है। भूजल एक सीमित प्राकृतिक संसाधन है और इसका लगातार बढ़ता दोहन आने वाले समय में गंभीर चुनौतियां खड़ी कर सकता है। ऐसे में भूजल संरक्षण के साथ-साथ इसके संतुलित और जिम्मेदार इस्तेमाल को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाना जरूरी है।
उन्होंने बताया कि भूजल के रिचार्ज, उपलब्ध मात्रा और गुणवत्ता से जुड़े पहलुओं को बेहतर तरीके से समझने के लिए देश के विभिन्न आईआईटी और विश्वविद्यालयों से विशेषज्ञ और शोधकर्ता सम्मेलन में पहुंचे हैं। सम्मेलन में विशेषज्ञ अपने शोध, अनुभव और सुझाव साझा कर रहे हैं।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भूजल से जुड़ी मौजूदा समस्याओं पर विशेषज्ञों के बीच विचार-विमर्श करना और ऐसे व्यावहारिक उपायों पर चर्चा करना है, जिनसे भविष्य में भूजल का संरक्षण, बेहतर प्रबंधन और सतत उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
