Aichi-Nagoya के लिए रवाना होगा भारत, Asian Games 2026 से पहले भारतीय दल को मिली भव्य विदाई
Aichi-Nagoya Asian Games 2026 से पहले नई दिल्ली में भारतीय दल को भव्य विदाई दी गई। 503 खिलाड़ी 36 खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे और 2023 के रिकॉर्ड 107 पदकों के प्रदर्शन को बेहतर करने की कोशिश करेंगे।
भारत के खिलाड़ियों के लिए एशियन गेम्स 2026 की तैयारियां अब आखिरी पड़ाव पर पहुंच गई हैं। जापान के Aichi-Nagoya में 19 सितंबर से शुरू होने वाले एशियन गेम्स से पहले मंगलवार को नई दिल्ली में भारतीय दल के लिए खास विदाई समारोह आयोजित किया गया। भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की ओर से हुए इस कार्यक्रम में खिलाड़ी, कोच, सपोर्ट स्टाफ और खेल जगत से जुड़े कई बड़े अधिकारी मौजूद रहे। माहौल में उत्साह के साथ-साथ उस बड़े मुकाबले की गंभीरता भी साफ दिखाई दी, जिसका भारतीय खिलाड़ी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
मंडाविया ने खिलाड़ियों से कहा- दबाव को प्रदर्शन में बदलें
केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री मंसुख मंडाविया ने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उन्होंने खिलाड़ियों से अपील की कि वे दबाव को अपनी कमजोरी न बनने दें, बल्कि उसे बेहतर प्रदर्शन के मौके में बदलें। उनके संदेश का फोकस साफ था—मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ देना और हर चुनौती को एक अवसर की तरह देखना।
भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा ने भी खिलाड़ियों को आत्मविश्वास के साथ मुकाबले में उतरने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि टीम के साथ जुड़ी उम्मीदों को बोझ की तरह लेने के बजाय उससे प्रेरणा लेनी चाहिए।
503 खिलाड़ी, 36 खेलों में भारत की चुनौती
Aichi-Nagoya Asian Games के लिए भारत के शुरुआती 492 खिलाड़ियों के दल में बाद में विस्तार किया गया और खिलाड़ियों की संख्या 503 हो गई। कुल भारतीय दल में कोच और सपोर्ट स्टाफ को मिलाकर 768 सदस्य शामिल हैं। भारत इस बार 36 खेलों में हिस्सा लेगा।
एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बॉक्सिंग, शूटिंग, कुश्ती, कबड्डी और क्रिकेट जैसे खेलों में भारत की मजबूत मौजूदगी रहेगी। हालांकि, इस बार चोट के कारण स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा भारतीय एथलेटिक्स टीम का हिस्सा नहीं होंगे।
2023 के रिकॉर्ड प्रदर्शन से बढ़ी उम्मीदें
भारतीय दल पर इस बार उम्मीदों का दबाव भी काफी ज्यादा है। 2023 के हांगझोउ एशियन गेम्स में भारत ने रिकॉर्ड 107 पदक जीते थे, जिसमें 28 स्वर्ण, 39 रजत और 41 कांस्य पदक शामिल थे। यह एशियन गेम्स के इतिहास में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। अब Aichi-Nagoya में खिलाड़ी इस रिकॉर्ड को और आगे ले जाने की कोशिश करेंगे।
क्रिकेट और कबड्डी की भारतीय पुरुष और महिला टीमें भी अपने पिछले एशियन गेम्स के स्वर्ण पदकों को बचाने के इरादे से मैदान में उतरेंगी। वहीं शूटिंग, एथलेटिक्स, बैडमिंटन और कुश्ती जैसे खेलों से भी पदक की काफी उम्मीदें हैं।
जापान में नई चुनौती, भारत पूरी तरह तैयार
इस बार खिलाड़ियों के लिए सिर्फ मुकाबला ही नहीं, बल्कि जापान का अलग माहौल भी एक चुनौती होगा। Aichi-Nagoya Games में पारंपरिक एथलीट विलेज की जगह होटल, क्रूज शिप और कंटेनर-स्टाइल आवास की व्यवस्था की गई है। भारतीय खिलाड़ियों को इस माहौल के लिए पहले से तैयार करने के लिए SAI ने प्रशिक्षण केंद्रों में इसी तरह के कंटेनर आवास की व्यवस्था भी की है।
अब विदाई समारोह के साथ भारत का अभियान औपचारिक रूप से अगले चरण में पहुंच गया है। खिलाड़ियों की मेहनत, कोचों की रणनीति और करोड़ों भारतीयों की उम्मीदें अब Aichi-Nagoya की ओर टिकी हैं। 19 सितंबर से जब मुकाबले शुरू होंगे, तो हर खिलाड़ी के सामने सिर्फ पदक जीतने की चुनौती नहीं होगी, बल्कि तिरंगे को गर्व से ऊंचा रखने का मौका भी होगा।
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