ईरान, चीन और रूस ने जासूसी और हथियारों के लिए एक ही AI मॉडल का इस्तेमाल किया
Anthropic की नई रिपोर्ट के अनुसार, ईरान, चीन और रूस से जुड़े समूहों ने Claude AI का इस्तेमाल निगरानी, प्रचार, खुफिया जानकारी जुटाने और सैन्य तकनीक से जुड़े कामों में करने की कोशिश की।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI अब केवल पढ़ाई, ऑफिस के काम या रोजमर्रा की जानकारी तक सीमित नहीं रह गई है। Anthropic की एक नई रिपोर्ट ने AI के गलत इस्तेमाल को लेकर गंभीर चिंता सामने रखी है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान, चीन और रूस से जुड़े अलग-अलग समूहों ने Anthropic के AI मॉडल Claude का इस्तेमाल निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने, प्रचार और सैन्य तकनीक से जुड़े कामों के लिए किया। कंपनी ने इन गतिविधियों की पहचान कर कई खातों को बंद कर दिया है।
AI का इस्तेमाल बढ़ा तो खतरे भी बढ़े
Anthropic की रिपोर्ट दिसंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच सामने आए मामलों पर आधारित है। कंपनी ने सात तरह के गलत इस्तेमाल की पहचान की, जिनमें साइबर हमले, निगरानी, प्रभाव और प्रचार अभियान, धोखाधड़ी, जैविक जोखिम, पारंपरिक हथियारों का विकास और AI मॉडल की क्षमताओं की अवैध नकल शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कई मामलों में AI ने ऐसे कामों को आसान और तेज बनाया, जिनके लिए पहले विशेषज्ञों और बड़ी टीमों की जरूरत पड़ती थी।
रिपोर्ट में ईरान से जुड़े कई अभियानों का उल्लेख है। Anthropic के अनुसार, ईरान से जुड़े राज्य समर्थित समूहों ने Claude का इस्तेमाल राजनीतिक प्रचार की रणनीति बनाने, अलग-अलग ऑनलाइन पहचान तैयार करने और सोशल मीडिया सामग्री को कई भाषाओं में तैयार करने के लिए किया। कुछ समूहों ने कथित तौर पर विपक्षी लोगों और संगठनों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखने के लिए भी AI का इस्तेमाल किया।
चीन और रूस से जुड़े सैन्य मामले
रिपोर्ट में चीन से जुड़े मामलों में सैन्य तकनीक और खुफिया जानकारी से संबंधित काम सामने आए। एक मामले में Claude का इस्तेमाल एंटी-टॉरपीडो सिस्टम की तकनीकी योजना तैयार करने के लिए किया गया। एक अन्य मामले में इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर से जुड़ी तकनीक और संभावित हथियार प्रणालियों का विश्लेषण किया गया। रूस से जुड़े एक मामले में AI का इस्तेमाल सैन्य और नागरिक दोनों तरह के सामान की खरीद से संबंधित जानकारी और दस्तावेज तैयार करने के लिए किया गया।
Anthropic ने यह भी बताया कि रूस और अन्य जगहों से जुड़े समूहों ने ड्रोन, मिसाइल और दूसरी सैन्य तकनीकों से संबंधित काम में Claude का इस्तेमाल करने की कोशिश की। कंपनी ने कहा कि कुछ मामलों में AI का इस्तेमाल सॉफ्टवेयर तैयार करने और हथियार प्रणालियों से जुड़े तकनीकी काम को आगे बढ़ाने के लिए किया गया। कंपनी ने ऐसे खातों पर कार्रवाई की और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया।
AI कंपनियों के लिए बढ़ती चुनौती
इस रिपोर्ट से यह सवाल भी उठता है कि तेजी से शक्तिशाली होते AI मॉडल का गलत इस्तेमाल रोकना कितना मुश्किल है। Anthropic का कहना है कि उसने संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने के लिए नए सुरक्षा उपाय और सिस्टम लगाए हैं। कंपनी ने संबंधित मामलों की जानकारी अधिकारियों और उद्योग के अन्य भागीदारों के साथ भी साझा की है। विशेषज्ञों के लिए यह घटना इस बात का संकेत है कि AI तकनीक के विकास के साथ उसके सुरक्षित और जिम्मेदार इस्तेमाल पर भी उतना ही ध्यान देना जरूरी है।
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