3 अरब साल पुरानी लालबाग चट्टान पर संकट, सुरंग परियोजना को लेकर बेंगलुरु में विरोध
बेंगलुरु की पहचान लालबाग की 3 अरब साल पुरानी चट्टान अब खतरे में बताई जा रही है। प्रस्तावित टनल रोड प्रोजेक्ट को लेकर लोगों में गुस्सा है। पर्यावरण प्रेमी और स्थानीय लोग इस चट्टान को बचाने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे विकास बनाम प्रकृति की बहस फिर तेज हो गई है।
अरब साल पुरानी है लालबाग की चट्टान
लालबाग गार्डन में मौजूद यह विशाल चट्टान दुनिया की सबसे पुरानी चट्टानों में से एक है। भूवैज्ञानिकों के मुताबिक इसकी उम्र करीब 3 अरब साल है। यह सिर्फ एक चट्टान नहीं, बल्कि बेंगलुरु के इतिहास की गवाही है। इसीलिए लोग इसे बचाने की मांग कर रहे हैं।
टनल रोड प्रोजेक्ट ने बढ़ाई चिंता
सरकार बेंगलुरु में ट्रैफिक कम करने के लिए टनल रोड बनाने की योजना पर काम कर रही है। विरोध करने वालों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट से लालबाग और उसके आसपास के इको-सिस्टम को नुकसान होगा। खुदाई और वाइब्रेशन से इस पुरानी चट्टान को भी खतरा हो सकता है।
चट्टान पर लेटकर किया विरोध
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग लालबाग की चट्टान पर लेटकर प्रदर्शन कर रहे हैं। लोगों ने इस अनोखे तरीके से संदेश दिया कि विकास जरूरी है, लेकिन प्रकृति की कीमत पर नहीं। प्रदर्शन में युवा, बुजुर्ग और छात्र सभी शामिल हुए।
विकास बनाम प्रकृति की बहस
बेंगलुरु में यह बहस नई नहीं है। तेजी से बढ़ती आबादी और ट्रैफिक के बीच हर बार विकास और पर्यावरण आमने-सामने आ जाते हैं। सरकार का कहना है कि टनल रोड से ट्रैफिक की समस्या कम होगी, जबकि पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि इसके लिए कोई और रास्ता निकाला जाए। अब सबकी नजर सरकार के अगले फैसले पर है।
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