आंध्र प्रदेश में ₹10,000 करोड़ का निवेश करेगी सुजलॉन, 1,325 MW के विंड प्रोजेक्ट्स पर जोर
सुजलॉन ग्रुप आंध्र प्रदेश में करीब ₹10,000 करोड़ निवेश करेगा। अनंतपुर में 1,325 MW के नए विंड प्रोजेक्ट्स से करीब 4,000 रोजगार अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
भारत की प्रमुख पवन ऊर्जा कंपनियों में शामिल सुजलॉन ग्रुप ने आंध्र प्रदेश में बड़े निवेश की योजना बनाई है। कंपनी राज्य में करीब ₹10,000 करोड़ निवेश करने की तैयारी कर रही है। इस निवेश के तहत अनंतपुर जिले के रायादुर्ग क्षेत्र में कुल 1,325 मेगावाट (MW) क्षमता वाली नई पवन ऊर्जा परियोजनाएं विकसित की जाएंगी।
4,000 लोगों को मिल सकता है रोजगार
सुजलॉन की प्रस्तावित परियोजनाओं से राज्य में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। कंपनी के मुताबिक, इन नए प्रोजेक्ट्स से करीब 4,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के साथ-साथ पवन ऊर्जा से जुड़े कारोबार और सेवाओं को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
2030 तक 5 GW क्षमता का लक्ष्य
सुजलॉन ने आंध्र प्रदेश में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करने का लक्ष्य रखा है। कंपनी का लक्ष्य वर्ष 2030 तक राज्य में अतिरिक्त 5 GW नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता विकसित करना है। कंपनी के अनुसार, आंध्र प्रदेश में उसके पास पहले से ही 1,700 MW से अधिक की स्थापित पवन ऊर्जा क्षमता है।
यह विस्तार ऐसे समय हो रहा है जब भारत स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाने पर जोर दे रहा है। पवन ऊर्जा को इस बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका वाला क्षेत्र माना जा रहा है।
अनंतपुर में बढ़ेगा ग्रीन एनर्जी का दायरा
सुजलॉन के नए प्रोजेक्ट्स का बड़ा हिस्सा अनंतपुर जिले में विकसित किया जाएगा। कंपनी के नए S144 विंड ब्लेड से जुड़े कार्यक्रम का भी अनंतपुर में आयोजन होना है। इससे क्षेत्र में पवन ऊर्जा से जुड़ी औद्योगिक गतिविधियों को और गति मिलने की उम्मीद है।
आंध्र प्रदेश सरकार के लिए भी यह निवेश महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि बड़े नवीकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्ट राज्य में निवेश, रोजगार और ऊर्जा ढांचे को मजबूत कर सकते हैं।
स्वच्छ ऊर्जा की ओर बड़ा कदम
सुजलॉन का यह निवेश आंध्र प्रदेश को देश के प्रमुख ग्रीन एनर्जी केंद्रों में मजबूत स्थिति दिलाने में मदद कर सकता है। बड़े पैमाने पर पवन ऊर्जा परियोजनाओं से स्वच्छ बिजली उत्पादन बढ़ेगा और राज्य की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में इजाफा होगा।
कुल मिलाकर, ₹10,000 करोड़ का यह प्रस्तावित निवेश आंध्र प्रदेश के लिए आर्थिक और पर्यावरणीय दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है। आने वाले वर्षों में इन परियोजनाओं के जमीन पर उतरने से राज्य के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को नई गति मिलने की उम्मीद है।
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