Flipkart ने Amazon को छोड़ा पीछे, भारत के ई-कॉमर्स बाजार में बढ़त हुई और मजबूत; Quick Commerce ने बदला खेल
Flipkart ने भारत के ई-कॉमर्स बाजार में Amazon पर अपनी बढ़त और मजबूत कर ली है। Flipkart और Myntra की संयुक्त MAU हिस्सेदारी 35% पहुंच गई है, जबकि Amazon का यूजर बेस दबाव में है। वहीं Flipkart Minutes के रोजाना 11–12 लाख ऑर्डर तक पहुंचने से Quick Commerce में भी कंपनी तेजी से आगे बढ़ रही है।
भारत के तेजी से बदलते ई-कॉमर्स बाजार में Flipkart ने एक बार फिर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। नए आंकड़ों के मुताबिक Flipkart और Myntra मिलकर भारत के मासिक सक्रिय यूजर्स यानी Monthly Active Users (MAU) में करीब 35 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते हैं। इसके साथ ही Flipkart का Amazon पर यूजर बेस के मामले में अंतर पिछले चार वर्षों में लगभग दोगुना हो गया है। यह बदलाव ऐसे समय में सामने आया है जब भारत में Quick Commerce यानी कुछ ही समय में सामान पहुंचाने वाली सेवाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है।
Flipkart-Myntra की संयुक्त हिस्सेदारी 35%
Goldman Sachs Global Investment Research के अनुसार, SensorTower के डेटा के आधार पर Flipkart और Myntra ने 2026 में अब तक भारत के ई-कॉमर्स क्षेत्र के मासिक सक्रिय यूजर शेयर का करीब 35 प्रतिशत हिस्सा हासिल किया है। 2022 में Amazon के मुकाबले Flipkart-Myntra की बढ़त करीब 9 प्रतिशत अंक थी, जो अब बढ़कर लगभग 17 प्रतिशत अंक हो गई है। इससे साफ है कि ऑनलाइन शॉपिंग के लिए भारतीय ग्राहकों के बीच Flipkart का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है।
Bernstein के आंकड़ों के मुताबिक जुलाई 2026 में Flipkart का मासिक सक्रिय यूजर बेस सालाना आधार पर 15 प्रतिशत बढ़ा। वहीं Amazon के MAU में इसी अवधि में अलग-अलग महीनों के दौरान 1 से 6 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। यानी जहां Flipkart नए ग्राहकों को अपने प्लेटफॉर्म से जोड़ने में तेजी दिखा रहा है, वहीं Amazon के यूजर बेस पर दबाव नजर आ रहा है।
सिर्फ यूजर्स की संख्या ही नहीं, बल्कि लेनदेन के मामले में भी Flipkart मजबूत स्थिति में है। Goldman Sachs के अनुसार, 2019 से Flipkart ने Amazon के मुकाबले GMV यानी Gross Merchandise Value में करीब 10 प्रतिशत अंक की बढ़त बनाए रखी है। इसका मतलब है कि Flipkart पर आने वाले यूजर्स सिर्फ प्लेटफॉर्म ब्राउज नहीं कर रहे, बल्कि खरीदारी भी कर रहे हैं।
Quick Commerce में भी Flipkart Minutes की रफ्तार तेज
Flipkart की बढ़त का एक बड़ा कारण उसका Quick Commerce कारोबार Flipkart Minutes भी माना जा रहा है। अगस्त 2024 में शुरू हुई यह सेवा अब रोजाना करीब 11 से 12 लाख ऑर्डर संभाल रही है। यह आंकड़ा Swiggy Instamart के करीब 14 लाख दैनिक ऑर्डर्स के आसपास पहुंच चुका है। हालांकि Blinkit और Zepto अभी भी ऑर्डर वॉल्यूम के मामले में सबसे बड़े खिलाड़ियों में शामिल हैं।
Quick Commerce अब सिर्फ किराना और रोजमर्रा की जरूरतों तक सीमित नहीं है। मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ब्यूटी और पर्सनल केयर जैसे क्षेत्रों में भी इसकी पहुंच बढ़ रही है। Flipkart Minutes इसी बदलती ग्राहक आदत का फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है।
ई-कॉमर्स की जंग अब सिर्फ कीमत की नहीं
भारत में ऑनलाइन शॉपिंग का मुकाबला अब केवल डिस्काउंट और कीमतों तक सीमित नहीं रह गया है। ग्राहक तेज डिलीवरी, बेहतर अनुभव और अधिक विकल्प चाहते हैं। Flipkart का बढ़ता यूजर बेस और Minutes की तेजी दिखाती है कि कंपनी पारंपरिक ई-कॉमर्स के साथ-साथ Quick Commerce में भी अपनी जगह मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
आने वाले समय में Flipkart, Amazon, Blinkit, Zepto और Instamart के बीच मुकाबला और तेज होने की संभावना है। खासकर छोटे शहरों और कस्बों में ऑनलाइन खरीदारी बढ़ने के साथ कंपनियों के लिए ग्राहक तक तेजी से पहुंचना सबसे बड़ी चुनौती और सबसे बड़ा अवसर दोनों बन गया है।
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