दिल्ली में हॉस्टल की कमी पर फूटा छात्रों का गुस्सा, बोले - पढ़ने आए हैं, रहने के लिए भटक रहे हैं

 दिल्ली यूनिवर्सिटी और उसके आसपास के कॉलेजों में हॉस्टल की कमी का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। एक छात्र का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह कॉलेजों में पर्याप्त हॉस्टल न होने पर सवाल उठा रहा है। वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने भी इस मुद्दे पर छात्रों का समर्थन किया है और सुरक्षित आवास की जरूरत बताई है।

Sep 7, 2026 - 18:44
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 दिल्ली में हॉस्टल की कमी पर फूटा छात्रों का गुस्सा, बोले - पढ़ने आए हैं, रहने के लिए भटक रहे हैं

हजारों छात्र, लेकिन हॉस्टल में सीटें कुछ सौ
दिल्ली हर साल देश भर से लाखों छात्रों का सपना लेकर आती है। DU, JNU, जामिया जैसे बड़े विश्वविद्यालयों में दाखिला तो मिल जाता है, लेकिन रहने की जगह नहीं मिलती। दिल्ली यूनिवर्सिटी के ज्यादातर कॉलेजों में हॉस्टल की सीटें सिर्फ 100 से 200 हैं, जबकि एडमिशन हजारों में होता है। ऐसे में 90% छात्रों को बाहर पीजी या किराये के कमरे में रहना पड़ता है। सत्य निकेतन में हाल ही में इमारत गिरने के बाद यह मुद्दा और भी गंभीर हो गया है, क्योंकि बाहर रहने वाले छात्र असुरक्षित इमारतों में रहने को मजबूर हैं।

छात्र ने पूछा - जब बुलाते हो तो सुलाते क्यों नहीं
वायरल वीडियो में एक छात्र कहता नजर आ रहा है कि जब दिल्ली सरकार और यूनिवर्सिटी देश भर के छात्रों को पढ़ने के लिए बुलाती है, तो उनके रहने का इंतजाम क्यों नहीं करती। छात्र ने कहा कि हम यहां पढ़ने आए हैं, लेकिन हमारा आधा समय अच्छा और सस्ता कमरा ढूंढने में निकल जाता है। एक कमरे का किराया 10-15 हजार है, ऊपर से खाने और बिजली का खर्च अलग। जो छात्र गरीब परिवार से आते हैं, उनके लिए यह बहुत बड़ी चुनौती है। छात्र के इस सवाल ने हजारों छात्रों के दर्द को आवाज दी है।

पीजी का खर्च और सुरक्षा दोनों बड़ी समस्या
हॉस्टल न मिलने पर छात्रों के पास पीजी ही एकमात्र विकल्प बचता है। दिल्ली के नॉर्थ कैंपस, साउथ कैंपस में पीजी का किराया बहुत ज्यादा है। 8x10 के छोटे से कमरे में 2-3 छात्रों को रखा जाता है, जहां न साफ पानी है, न अच्छा खाना। कई पीजी में तो लड़कियों की सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। हाल ही में हुए हादसे ने साबित कर दिया कि इनमें से कई इमारतें बिना नक्शे के बनी हैं और कभी भी गिर सकती हैं। छात्रों का कहना है कि वे ज्यादा किराया देकर भी सुरक्षित नहीं हैं।

कपिल सिब्बल ने भी उठाई छात्रों की आवाज
इस मुद्दे पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने भी अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा है कि छात्रों के लिए सिर्फ सीट बढ़ाना ही काफी नहीं है, बल्कि सुरक्षित, साफ और किफायती हॉस्टल देना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अगर हम चाहते हैं कि छात्र बिना तनाव के पढ़ाई करें तो उन्हें रहने की अच्छी सुविधा देनी होगी। अब देखना होगा कि इस वायरल वीडियो के बाद यूनिवर्सिटी और सरकार हॉस्टल की क्षमता बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाती है।

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