हनूर फायरिंग पर BJP का हमला, न्यायिक जांच और वन मंत्री के इस्तीफे की मांग
कर्नाटक के हनूर वन क्षेत्र में तीन लोगों की मौत के बाद BJP ने न्यायिक जांच और वन मंत्री रामलिंगा रेड्डी के इस्तीफे की मांग की है। सरकार ने बताया है कि घटना की मजिस्ट्रेट जांच चल रही है और मृतकों के कथित शिकार में शामिल होने का दावा किया है।
कर्नाटक के चामराजनगर जिले के हनूर वन क्षेत्र में तीन लोगों की मौत को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। विपक्षी BJP ने घटना की न्यायिक जांच कराने और वन मंत्री रामलिंगा रेड्डी के इस्तीफे की मांग की है। यह घटना 15 अगस्त को वन विभाग के कर्मचारियों और कथित शिकारियों के बीच हुई गोलीबारी के दौरान हुई थी।
विधानसभा में उठा मामला
सोमवार को कर्नाटक विधानमंडल में इस मुद्दे को लेकर BJP ने सरकार पर सवाल उठाए। विपक्ष ने पूछा कि आखिर वन विभाग के कर्मचारियों को गोली चलाने की जरूरत क्यों पड़ी और क्या बल प्रयोग को टाला जा सकता था। BJP नेताओं ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने को कहा।
विपक्षी नेता आर. अशोक ने भी न्यायिक जांच की मांग करते हुए कहा कि घटनास्थल की परिस्थितियों और गोलीबारी की आवश्यकता की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।
सरकार ने बताया क्या हुआ?
वन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने विधानसभा में कहा कि तीनों लोग कावेरी वन्यजीव अभयारण्य के भीतर शिकार के लिए गए थे। सरकार के अनुसार, उनके पास हथियार और अन्य सामान पाए गए थे। मंत्री ने यह भी बताया कि घटना की परिस्थितियों की जांच के लिए मजिस्ट्रेट स्तर की जांच चल रही है।
सरकार का कहना है कि घटना वन विभाग के कर्मचारियों और कथित शिकारियों के बीच मुठभेड़ के दौरान हुई। हालांकि, विपक्ष ने सरकारी दावों और घटना से जुड़े अलग-अलग विवरणों पर सवाल उठाए हैं।
BJP ने मांगी न्यायिक जांच
BJP नेताओं का कहना है कि मामले की जांच केवल प्रशासनिक स्तर पर नहीं होनी चाहिए। उनका तर्क है कि तीन लोगों की मौत से जुड़े मामले में स्वतंत्र न्यायिक जांच जरूरी है, ताकि गोलीबारी की परिस्थितियों, बल प्रयोग और जिम्मेदारी से जुड़े सवालों का निष्पक्ष तरीके से जवाब मिल सके।
विपक्ष के विरोध के कारण कर्नाटक विधानमंडल की कार्यवाही भी प्रभावित हुई। BJP ने सरकार पर पूरे मामले में पारदर्शिता नहीं बरतने का आरोप लगाया है।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल सरकार की ओर से मजिस्ट्रेट जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के दौरान क्या परिस्थितियां थीं और क्या कार्रवाई नियमों के अनुरूप थी।
तीन लोगों की मौत ने वन्यजीव संरक्षण, अवैध शिकार रोकने और सरकारी बल के इस्तेमाल को लेकर भी बहस छेड़ दी है। अब राजनीतिक दलों के साथ-साथ आम लोगों की नजर जांच के निष्कर्षों पर है।
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