अमित शाह के सामने CM विजय की तीन बड़ी मांगें: परिसीमन, NEET और नशे पर कड़ा रुख

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने तीन प्रमुख मुद्दे उठाए। उन्होंने परिसीमन में दक्षिणी राज्यों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व की सुरक्षा, तमिलनाडु को NEET से छूट और युवाओं में बढ़ते नशे के खतरे से निपटने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कावेरी जल विवाद का मुद्दा भी उठाया।

Aug 20, 2026 - 20:53
 0
अमित शाह के सामने CM विजय की तीन बड़ी मांगें: परिसीमन, NEET और नशे पर कड़ा रुख

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में राज्य से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए। विजय ने केंद्र सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं—परिसीमन में दक्षिणी राज्यों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व की रक्षा, तमिलनाडु को NEET से छूट और युवाओं में बढ़ते नशे के खतरे से निपटने के लिए सख्त कदम।

परिसीमन को लेकर दक्षिणी राज्यों की चिंता

विजय ने प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया को लेकर दक्षिणी राज्यों की चिंता सामने रखी। उन्होंने केंद्र से स्पष्ट विधायी आश्वासन देने की मांग की कि जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन करने वाले किसी भी राज्य की संसद में प्रतिनिधित्व की हिस्सेदारी कम न हो।

तमिलनाडु सरकार का तर्क है कि दक्षिणी राज्यों ने दशकों से जनसंख्या स्थिरीकरण की नीतियों को प्रभावी तरीके से लागू किया है। ऐसे में केवल जनसंख्या के आधार पर भविष्य में सीटों का पुनर्वितरण इन राज्यों के राजनीतिक प्रभाव को कम कर सकता है। विजय ने इसे संघीय संतुलन और राज्यों के बीच समानता से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।

NEET से छूट की मांग

विजय ने NEET को लेकर तमिलनाडु की पुरानी मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि राज्य में मेडिकल प्रवेश के लिए ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जो ग्रामीण और सामाजिक-आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को बेहतर अवसर दे।

मुख्यमंत्री ने केंद्र से तमिलनाडु को राज्य कोटे की MBBS, BDS और AYUSH सीटों पर कक्षा 12 के अंकों के आधार पर प्रवेश की अनुमति देने की मांग की। उनका कहना है कि इससे राज्य की स्कूली शिक्षा पर आधारित प्रवेश व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा।

युवाओं में नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई

विजय ने तीसरे मुद्दे के तौर पर युवाओं में बढ़ते नशे की समस्या पर चिंता जताई। उन्होंने ऑनलाइन प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की बिक्री के लिए निगरानी और नियमन को मजबूत करने तथा नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री पर राज्यों के बीच बेहतर समन्वय की मांग की।

उन्होंने केंद्र से मौजूदा कानूनी व्यवस्था की समीक्षा करने और युवाओं में बढ़ते नशे के सेवन से निपटने के लिए प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया।

बैठक में विजय ने कावेरी जल विवाद का मुद्दा भी उठाया और अंतरराज्यीय नदियों के प्रबंधन में सहयोग के साथ कानूनी फैसलों के पालन पर जोर दिया। उन्होंने तमिलनाडु के जल अधिकारों और किसानों की आजीविका की सुरक्षा की आवश्यकता बताई।

दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में रखे गए इन मुद्दों से साफ है कि विजय सरकार केंद्र के साथ संवाद के जरिए तमिलनाडु के राजनीतिक प्रतिनिधित्व, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े सवालों को प्रमुखता देना चाहती है। अब नजर इस बात पर होगी कि केंद्र सरकार इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0