‘पाकिस्तान की हताशा पर टिप्पणी की जरूरत नहीं’: Sergio Gor के J&K बयान पर भारत का करारा जवाब
Sergio Gor के J&K बयान पर पाकिस्तान की आपत्ति को भारत ने किया खारिज, MEA बोला—‘पाकिस्तान की हताशा पर टिप्पणी की जरूरत नहीं।’
भारत ने जम्मू-कश्मीर को लेकर अमेरिकी राजदूत Sergio Gor की टिप्पणी पर पाकिस्तान की आपत्ति को खारिज करते हुए कहा है कि उसे पाकिस्तान की “हताशा” पर टिप्पणी करने की कोई जरूरत नहीं है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं।
अमेरिकी राजदूत की टिप्पणी पर पाकिस्तान नाराज
विवाद तब शुरू हुआ जब भारत में अमेरिकी राजदूत Sergio Gor ने जम्मू-कश्मीर की यात्रा के दौरान क्षेत्र को भारत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उनके बयान के बाद पाकिस्तान ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई और अमेरिकी राजनयिक को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया।
पाकिस्तान ने Gor की टिप्पणी को खारिज करते हुए जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर अपना पुराना रुख दोहराया। इस मुद्दे को लेकर इस्लामाबाद और नई दिल्ली के बीच लंबे समय से राजनयिक तनाव बना हुआ है।
भारत ने दिया दो टूक जवाब
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत को पाकिस्तान की “हताशा” पर टिप्पणी करने का कोई कारण नजर नहीं आता।
उन्होंने दोहराया कि भारत का रुख स्पष्ट है—जम्मू, कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं। भारत लंबे समय से इस बात पर जोर देता रहा है कि जम्मू-कश्मीर से जुड़े मामलों में किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की आवश्यकता नहीं है।
Sergio Gor के J&K दौरे पर रही नजर
अमेरिकी राजदूत का जम्मू-कश्मीर दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि यह क्षेत्र की उनकी शुरुआती यात्राओं में से एक था। यात्रा के दौरान उन्होंने स्थानीय अधिकारियों से मुलाकात की और क्षेत्र की सुरक्षा तथा पर्यटन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
Gor ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा की स्थिति में सुधार का भी उल्लेख किया। उन्होंने संकेत दिया कि परिस्थितियों को देखते हुए अमेरिका क्षेत्र के लिए अपनी यात्रा संबंधी सलाह की समीक्षा कर सकता है।
भारत-पाकिस्तान के बीच फिर बढ़ी बयानबाजी
Sergio Gor की टिप्पणी ने जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच पुराने मतभेदों को एक बार फिर सामने ला दिया है। पाकिस्तान इस क्षेत्र को विवादित मानता है, जबकि भारत का स्पष्ट कहना है कि जम्मू-कश्मीर देश का अभिन्न हिस्सा है।
भारत की ताजा प्रतिक्रिया से साफ है कि नई दिल्ली इस मुद्दे पर अपने रुख से पीछे हटने के मूड में नहीं है। वहीं, पाकिस्तान की ओर से अमेरिकी राजदूत को तलब किए जाने से मामला एक बार फिर कूटनीतिक चर्चा में आ गया है।
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