नेपाल में फ्लैश फ्लड का कहर: मुर्दाघरों में जगह खत्म, सामूहिक दफन की तैयारी

नेपाल में भीषण फ्लैश फ्लड के बाद बड़ी संख्या में शव बरामद होने से अस्पतालों और मुर्दाघरों में जगह की कमी हो गई है। अज्ञात शवों की पहचान के लिए डीएनए सैंपल और तस्वीरें सुरक्षित की जा रही हैं। परिवार अब भी अपने लापता परिजनों की तलाश में हैं, जबकि प्रशासन के सामने मृतकों को सम्मानजनक अंतिम विदाई देने की बड़ी मानवीय चुनौती है।

Aug 30, 2026 - 18:36
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नेपाल में फ्लैश फ्लड का कहर: मुर्दाघरों में जगह खत्म, सामूहिक दफन की तैयारी

नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने तबाही का ऐसा मंजर पैदा कर दिया है, जिससे राहत और बचाव दल के साथ-साथ प्रशासन के सामने एक नई मानवीय चुनौती खड़ी हो गई है। बाढ़ और भूस्खलन के बाद बड़ी संख्या में शव बरामद किए जा रहे हैं। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि कई अस्पतालों और मुर्दाघरों में शव रखने की जगह तक नहीं बची है। ऐसे में अधिकारियों को अज्ञात शवों के सामूहिक दफन की तैयारी करनी पड़ रही है।

शवों की बढ़ती संख्या से बढ़ा संकट

बाढ़ का पानी अपने साथ घर, वाहन और मलबे ही नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगियां भी बहा ले गया। कई इलाकों में राहतकर्मियों को तलाशी अभियान के दौरान शव मिल रहे हैं। कुछ शवों की पहचान तुरंत हो रही है, लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे शव भी हैं जिनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है।

स्थिति को और गंभीर बना रही है शवों को सुरक्षित रखने की सीमित व्यवस्था। अस्पतालों के मुर्दाघर पहले ही अपनी क्षमता तक पहुंच चुके हैं। गर्म मौसम और लंबे समय तक पानी में रहने के कारण शवों को ज्यादा समय तक सुरक्षित रखना भी मुश्किल हो रहा है।

पहचान से पहले लिए जा रहे डीएनए सैंपल

प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि शवों को अंतिम संस्कार से पहले उनकी पहचान सुनिश्चित की जाए। अधिकारियों द्वारा अज्ञात शवों के डीएनए सैंपल, तस्वीरें और दूसरी पहचान संबंधी जानकारियां सुरक्षित रखने की कोशिश की जा रही है।

इसका मकसद यह है कि अगर आने वाले दिनों में किसी परिवार को अपने लापता रिश्तेदार की पहचान करनी हो, तो उपलब्ध रिकॉर्ड और डीएनए के जरिए उसकी पुष्टि की जा सके। इसके बाद ही शवों को सम्मानपूर्वक दफनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

इस आपदा के बीच कई परिवारों के लिए सबसे मुश्किल समय वह है जब उन्हें अपने प्रियजनों के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही। लोग अस्पतालों, राहत केंद्रों और प्रशासनिक कार्यालयों में अपने रिश्तेदारों की तलाश कर रहे हैं।

कई परिवारों के लिए हर फोन कॉल और हर नई सूचना उम्मीद लेकर आती है। लेकिन लगातार बढ़ते शवों और लापता लोगों की संख्या ने इस उम्मीद के साथ चिंता भी बढ़ा दी है।

राहत अभियान के साथ मानवीय चुनौती

नेपाल सरकार और बचाव एजेंसियां प्रभावित इलाकों में राहत और खोज अभियान चला रही हैं। हालांकि दुर्गम इलाकों, खराब सड़कों और लगातार बदलते मौसम के कारण बचाव कार्य आसान नहीं है।

फ्लैश फ्लड ने नेपाल के सामने सिर्फ प्राकृतिक आपदा से निपटने की चुनौती नहीं रखी है, बल्कि मृतकों की पहचान और उन्हें सम्मानजनक अंतिम विदाई देने का सवाल भी खड़ा कर दिया है। सामूहिक दफन का फैसला प्रशासन के लिए बेहद कठिन है, लेकिन मुर्दाघरों की सीमित क्षमता को देखते हुए यह कदम जरूरी होता जा रहा है।

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