झारखंड-कोलकाता में GST घोटाले पर ED का बड़ा एक्शन, 135 फर्जी कंपनियां और 734 करोड़ का खेल
रांची: 734 करोड़ रुपये के कथित GST घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED की रांची टीम ने बुधवार सुबह जमशेदपुर के 3 और कोलकाता के 1 ठिकाने पर एक साथ छापेमारी शुरू की। कार्रवाई अभी जारी है।यह मामला पहले गिरफ्तार किए जा चुके कारोबारी शिव कुमार देवड़ा और अन्य आरोपितों से जुड़ा बताया जा रहा है। जांच एजेंसी को फर्जी कंपनियों और बिना वास्तविक माल की आपूर्ति के जारी किए गए इनवॉइस के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) हासिल करने से जुड़े तथ्यों की जांच करनी है।
ज्ञान चंद जायसवाल और अकाउंटेंट के ठिकाने जांच के दायरे में
ED की कार्रवाई जिन ठिकानों पर चल रही है, उनमें ज्ञान चंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल, उनके अकाउंटेंट संजय पारेख और कुछ अन्य लोगों से जुड़े परिसर शामिल हैं।जांच एजेंसी के अनुसार, मामले की जांच में ऐसे दस्तावेज सामने आए थे, जिनसे कथित तौर पर बिना वास्तविक सामान की खरीद-बिक्री के इनवॉइस के जरिए फर्जी ITC लेने का पता चला। एजेंसी का आरोप है कि इसके लिए ऐसी कंपनियों का इस्तेमाल किया गया, जिनका वास्तविक अस्तित्व नहीं था।
135 फर्जी कंपनियों के जरिए 5,000 करोड़ के चालान का आरोप
मामले की जांच में करीब 135 कागजी कंपनियों के नेटवर्क का पता चलने की बात सामने आई है। ED के अनुसार, इन कंपनियों के माध्यम से करीब 5,000 करोड़ रुपये के फर्जी चालान जारी किए गए और इनके आधार पर लगभग 734 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट का कथित तौर पर लाभ लिया गया।जांच के दौरान एजेंसी ने पहले नकदी, बैंक खातों में मौजूद रकम और कथित तौर पर अपराध की रकम से खरीदी गई संपत्तियों पर भी कार्रवाई की थी।
2025 में हुई थी कई कारोबारियों की गिरफ्तारी
इस मामले में ED ने 8 मई 2025 को जमशेदपुर और कोलकाता में कार्रवाई करते हुए जमशेदपुर के जुगसलाई निवासी कारोबारी अमित अग्रवाल उर्फ विक्की भालोटिया और कोलकाता के शिव कुमार देवड़ा, मोहित देवड़ा और अमित गुप्ता को गिरफ्तार किया था।ED की ओर से इन लोगों को मामले में कथित तौर पर अहम भूमिका निभाने वाला बताया गया था।
करोड़ों की संपत्तियों पर भी हो चुकी है कार्रवाई
जांच के दौरान ED ने करीब 29 लाख रुपये नकद जब्त करने की जानकारी दी थी। इसके अलावा कई राज्यों में संचालित बताई गई 135 फर्जी कंपनियों के बैंक खातों में मौजूद करीब 63 करोड़ रुपये फ्रीज किए गए थे।एजेंसी ने कथित फर्जी ITC के जरिए अर्जित 5.30 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति भी जब्त की थी। बाद में अक्टूबर 2025 में कारोबारी अमित गुप्ता से जुड़ी पश्चिम बंगाल के हावड़ा और कोलकाता स्थित करीब 15.41 करोड़ रुपये की 10 संपत्तियों को भी जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
DGGI की जांच से सामने आया था मामला
ED से पहले GST खुफिया महानिदेशालय (DGGI), जमशेदपुर ने GST धोखाधड़ी से जुड़े मामलों की जांच की थी। एजेंसी की शिकायतों और जांच से कथित फर्जी बिलिंग से जुड़े एक नेटवर्क की जानकारी सामने आई।इन्हीं मामलों के आधार पर ED ने ECIR दर्ज कर मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू की थी। अब ताजा छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की तलाश कर रही है। छापेमारी पूरी होने के बाद ही जब्ती और बरामदगी से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
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