JSSC-CGL केस में 33 गिरफ्तार, पुलिसकर्मी से लेकर कथित एजेंट तक जांच के घेरे में

Sep 26, 2026 - 14:50
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JSSC-CGL केस में 33 गिरफ्तार, पुलिसकर्मी से लेकर कथित एजेंट तक जांच के घेरे में

रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय (JSSC-CGL) परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितता से जुड़े मामले की जांच में सीआईडी की कार्रवाई जारी है। जांच एजेंसी के अनुसार, मामले में अब तक 33 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।जांच में सामने आए आरोपितों में बड़ी संख्या गिरिडीह और आसपास के इलाकों से बताई जा रही है। इसके अलावा धनबाद, बोकारो, कोडरमा, देवघर और पलामू के साथ-साथ बिहार और उत्तर प्रदेश से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है।सीआईडी ने कथित तौर पर परीक्षा पास कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से पैसे लेने, प्रश्न-उत्तर उपलब्ध कराने, उन्हें परीक्षा से पहले तैयारी कराने और सीट दिलाने के लिए सक्रिय नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की है। एजेंसी इस पूरे मामले में कथित सिंडिकेट की भूमिका और आपसी कनेक्शन की जांच कर रही है।

एक जनवरी 2025 को दर्ज हुई थी प्राथमिकी

सीआईडी ने 1 जनवरी 2025 को सीआईडी थाना कांड संख्या 01/2025 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। जांच के दौरान अब तक 33 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इनमें पहले चरण में 16 और बाद में 17 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।पहले गिरफ्तार किए गए लोगों में झारखंड पुलिस के कुछ जवान भी शामिल बताए गए हैं। इन पर कथित तौर पर अभ्यर्थियों को परीक्षा पास कराने में मदद करने और प्रश्न-उत्तर रटवाने के लिए पैसे लेने जैसे आरोप लगाए गए हैं।

गिरिडीह से जुड़े कई नाम जांच के दायरे में

गिरिडीह और आसपास के इलाकों से जुड़े जिन लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है, उनमें सिपाही रोबिन कुमार, सिपाही अभिलाष कुमार, सफल अभ्यर्थी समीर कुमार, अभय कुमार तिवारी, उसकी पत्नी सुषमा कुमारी, भाई अक्षय तिवारी, दीपक कुमार, उमेश कुमार राय, विजय कुमार तिवारी, आनंद कुमार सिंह, राजेश प्रसाद यादव, संदीप कुमार और सुधाकर यादव शामिल हैं।जांच एजेंसी के अनुसार, इस मामले में कथित मास्टरमाइंड बताए जा रहे अभय कुमार तिवारी के गिरिडीह से पारिवारिक संबंध भी हैं। उसकी पत्नी और भाई को भी इस मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है।

बिहार और उत्तर प्रदेश तक पहुंची जांच

मामले की जांच का दायरा झारखंड से बाहर भी गया है। सीआईडी के अनुसार, बिहार और उत्तर प्रदेश से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

इनमें सफल अभ्यर्थी कुंदन कुमार, परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी आईसीएन के कर्मचारी सोमांश प्रकाश और राहुल कुमार, कथित दलाल राजन कुमार, दिलीप कुमार पासवान, एजेंट मनु कुमार सिंह, सिपाही कुंदन कुमार उर्फ मंटू, सिपाही रामनिवास राय, सिपाही निवास कुमार राय, कविराज उर्फ मोटू, विनय साह उर्फ हरिहर सिंह समेत अन्य नाम शामिल हैं।

इसके अलावा कोडरमा और चतरा से जुड़े कुछ पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी भी हुई है। वित्त विभाग से जुड़े कर्मचारी संतोष कुमार को भी गिरफ्तार आरोपितों में बताया गया है।

दो लोगों से पूछताछ कर चुकी है CID

जांच के दौरान सीआईडी ने कुछ ऐसे लोगों से भी पूछताछ की है, जिन्हें मामले में गिरफ्तार नहीं किया गया है।विकास पांडेय गिरिडीह के बेंगाबाद क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं। वह पेशे से सहायक शिक्षक हैं और कथित तौर पर अभय कुमार तिवारी के ससुर हैं। सीआईडी उनसे पूछताछ कर चुकी है।वहीं संजय कुमार, जो जमशेदपुर में फूड इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं, मूल रूप से गिरिडीह के गांवा थाना क्षेत्र के पिहरा गांव के रहने वाले बताए गए हैं। सीआईडी ने उनसे भी पूछताछ की है।अब जांच का फोकस इस बात पर है कि कथित पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़े नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे, उनके बीच संपर्क कैसे हुआ और अभ्यर्थियों तक प्रश्न-उत्तर या अन्य मदद किस माध्यम से पहुंचाई गई।

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