JPSC की 21 परीक्षाएं CID के रडार पर, सफल अभ्यर्थियों से भी होगी पूछताछ

Oct 6, 2026 - 16:48
 0
JPSC की 21 परीक्षाएं CID के रडार पर, सफल अभ्यर्थियों से भी होगी पूछताछ

रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की जांच अब और व्यापक होती जा रही है। टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) के जरिए आयोजित जेपीएससी की सभी 21 परीक्षाओं को सीआईडी जांच के दायरे में लेकर आगे बढ़ रही है। इन परीक्षाओं में सफल अभ्यर्थियों की भूमिका और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों की भी जांच की जा रही है।जांच का फोकस कथित पेपर लीक, ओएमआर शीट में छेड़छाड़, परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितता और कथित सेटिंग के जरिए कुछ अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने के आरोपों पर है।

अब तक 27 लोगों की गिरफ्तारी

सीआईडी की कार्रवाई में अब तक 27 आरोपितों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। इनमें जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष एल. खियांग्ते, तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता समेत अन्य आरोपी शामिल हैं।गिरफ्तार लोगों में तीन परीक्षाओं से जुड़े 9 सफल अभ्यर्थी भी शामिल हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि इन अभ्यर्थियों के खिलाफ अब तक की पड़ताल में ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जिनके आधार पर कार्रवाई की गई।इनमें 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा से जुड़े सुमन सौरभ, दीपक राणा, ओमप्रकाश राणा, उमाकांत उरांव, रोशन केरकेट्टा, मनोज कुमार और रक्षक सिंह के नाम शामिल हैं। इसके अलावा एफआरओ और एसीएफ परीक्षा से जुड़े ऋतिक रौशन और पंकज प्रसून्न को भी गिरफ्तार किया गया है।

अब दूसरी परीक्षाओं की भी होगी पड़ताल

जांच का दायरा केवल इन तीन परीक्षाओं तक सीमित नहीं रहने वाला है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद TDPL से जुड़ी सभी 21 परीक्षाओं की जांच सीआईडी को सौंपी गई है।इसके लिए सीआईडी ने अलग-अलग टीमों का गठन किया है। जांच एजेंसी ने जेपीएससी से संबंधित परीक्षाओं के दस्तावेज भी अपने कब्जे में लेकर उनकी जांच शुरू की है।अब तक जिन परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के संकेत मिले हैं, उनके अलावा बाकी परीक्षाओं के सफल अभ्यर्थियों से भी पूछताछ की तैयारी है।

कौन-कौन सी परीक्षाएं जांच के दायरे में?

सीआईडी की जांच में जिन परीक्षाओं का जिक्र है, उनमें झारखंड सिविल सेवा संयुक्त परीक्षा 2023, सिविल सेवा बैकलॉग परीक्षा 2023 और 2025, विश्वविद्यालयों में गैर-शैक्षणिक पदों की नियुक्ति परीक्षा 2025 शामिल हैं।इसके अलावा सहायक निदेशक और सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर की नियमित तथा बैकलॉग नियुक्ति परीक्षाएं, ड्रग इंस्पेक्टर नियुक्ति परीक्षा 2025 और इंजीनियरिंग कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक नियुक्ति से संबंधित परीक्षाएं भी जांच के दायरे में हैं।सरकारी पॉलीटेक्निक में व्याख्याता नियुक्ति की नियमित और बैकलॉग परीक्षाओं तथा मेडिकल कॉलेजों में स्पेशियलिटी सहायक प्राध्यापक नियुक्ति परीक्षा को लेकर भी जांच की जा रही है।इसी क्रम में सिविल जज जूनियर डिविजन परीक्षा 2023, सहायक वन संरक्षक परीक्षा 2024, वन क्षेत्र पदाधिकारी परीक्षा 2024, सहायक लोक अभियोजक की नियमित और बैकलॉग परीक्षाएं भी जांच सूची में शामिल हैं।इसके अलावा खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी परीक्षा 2023, सीडीपीओ नियुक्ति परीक्षा 2023, झारखंड पात्रता परीक्षा 2024 और छठी सीमित उपसमाहर्ता परीक्षा 2018 से जुड़े रिकॉर्ड भी जांचे जा रहे हैं।

नौकरी कर रहे सफल अभ्यर्थियों से भी पूछताछ संभव

इनमें से कई परीक्षाओं में सफल अभ्यर्थी फिलहाल सरकारी या संबंधित पदों पर कार्यरत हैं। सीआईडी अब जरूरत के अनुसार ऐसे अभ्यर्थियों को समन जारी कर पूछताछ के लिए बुला सकती है।हालांकि, किसी परीक्षा में सफल होना अपने आप में किसी अभ्यर्थी को आरोपी नहीं बनाता। किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई उसकी भूमिका और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।

जांच का असली सवाल

अब जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अगर किसी परीक्षा में गड़बड़ी हुई, तो उसका नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें परीक्षा कराने वाली एजेंसी, आयोग के स्तर पर जिम्मेदार लोगों और लाभ पाने वाले अभ्यर्थियों की भूमिका क्या थी।यही वजह है कि सीआईडी अब एक-दो परीक्षाओं तक सीमित रहने के बजाय TDPL से जुड़ी पूरी परीक्षा प्रक्रिया की पड़ताल कर रही है।यानी आने वाले दिनों में जेपीएससी की इन परीक्षाओं में सफल रहे कई अभ्यर्थियों से पूछताछ हो सकती है। लेकिन पूछताछ को दोष सिद्ध होना नहीं माना जा सकता। अंतिम स्थिति जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों और आगे की कानूनी प्रक्रिया से ही स्पष्ट होगी।अब जेपीएससी की 21 परीक्षाओं पर जांच की नजर है। सवाल सिर्फ यह नहीं कि कौन पास हुआ... सवाल यह है कि परीक्षा में पास होने तक पहुंचने का रास्ता पूरी तरह साफ था या नहीं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0
SHASHI BHUSHAN KUMAR शशि भूषण कुमार एक डिजिटल पत्रकार और कंटेंट राइटर हैं । वर्ष 2012 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय है । प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में लंबे अनुभव के बाद वर्तमान में ‘मॉर्निंग इंडिया’ में डिजिटल हेड के रूप में कार्यरत है।