न्यूयॉर्क में मोहन भागवत का बड़ा बयान: ‘हिंदू राष्ट्र’ पर मुस्लिम के सवाल का किया जिक्र, बोले- किसी को देश से निकालना हिंदू विचार नहीं

न्यूयॉर्क में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने ‘हिंदू राष्ट्र’ की अवधारणा पर बात करते हुए एक मुस्लिम व्यक्ति के सवाल का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि किसी समुदाय को भारत से बाहर करने की सोच हिंदू विचारधारा की मूल भावना नहीं है। अपने संबोधन में भागवत ने मानवता की एकता, धार्मिक विविधता और सह-अस्तित्व पर जोर दिया। उनके बयान के बीच न्यूयॉर्क में RSS की विचारधारा और कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक बहस भी देखने को मिली।

Aug 30, 2026 - 01:02
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न्यूयॉर्क में मोहन भागवत का बड़ा बयान: ‘हिंदू राष्ट्र’ पर मुस्लिम के सवाल का किया जिक्र, बोले- किसी को देश से निकालना हिंदू विचार नहीं

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ‘हिंदू राष्ट्र’ की अवधारणा पर चर्चा करते हुए एक मुस्लिम व्यक्ति के सवाल का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनसे पूछा गया था कि अगर भारत को ‘हिंदू राष्ट्र’ माना जाता है, तो क्या देश में रहने वाले मुसलमानों को बाहर निकाल दिया जाएगा?

भागवत ने इस सवाल के जवाब में हिंदू विचारधारा को व्यापक और समावेशी बताते हुए कहा कि किसी भी समुदाय को भारत से बाहर करने की सोच हिंदू दर्शन का हिस्सा नहीं हो सकती। उन्होंने अपने संबोधन में मानवता की एकता और विभिन्न धार्मिक परंपराओं के बीच सह-अस्तित्व पर जोर दिया।

‘क्या मुसलमानों को देश से निकाल दिया जाएगा?’

भागवत ने अपने संबोधन में उस बातचीत को याद किया, जिसमें एक मुस्लिम व्यक्ति ने उनसे हिंदू राष्ट्र को लेकर सवाल किया था। सवाल था कि अगर भारत को हिंदू राष्ट्र कहा जाता है, तो क्या यहां रहने वाले मुसलमानों को देश से बाहर कर दिया जाएगा।

RSS प्रमुख ने इस सवाल के संदर्भ में कहा कि हिंदू विचार में सभी को साथ लेकर चलने की भावना है। उनके मुताबिक, जो व्यक्ति मुसलमानों को भारत में नहीं देखना चाहता, वह हिंदू विचार की मूल भावना का प्रतिनिधित्व नहीं करता।

मानवता की एकता पर दिया जोर

न्यूयॉर्क में भागवत का संबोधन मुख्य रूप से ‘एक दुनिया, एक मानवता’ जैसे विचारों पर केंद्रित रहा। उन्होंने अलग-अलग धर्मों और मान्यताओं के बावजूद मानव समाज की एकता की बात कही।

उन्होंने भारत की सभ्यतागत परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां अलग-अलग विचारों, आस्थाओं और धार्मिक परंपराओं के साथ रहने की लंबी परंपरा रही है। उनके भाषण में धार्मिक विविधता और आपसी सम्मान का संदेश प्रमुख रहा।

न्यूयॉर्क में कार्यक्रम को लेकर विवाद

भागवत की न्यूयॉर्क यात्रा और कार्यक्रम को लेकर अमेरिका में राजनीतिक और सामाजिक बहस भी देखने को मिली। कुछ संगठनों ने RSS की विचारधारा को लेकर आपत्ति जताई और विरोध प्रदर्शन किए। न्यूयॉर्क के मेयर ज़ोहरान ममदानी ने भी कार्यक्रम को लेकर अपनी असहमति व्यक्त की थी।

इसके बावजूद कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें भारतीय प्रवासी समुदाय और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों की भागीदारी रही।

हिंदू राष्ट्र की अवधारणा फिर चर्चा में

भागवत के बयान के बाद ‘हिंदू राष्ट्र’ की अवधारणा एक बार फिर चर्चा में आ गई है। उनके संबोधन का मुख्य संदेश धार्मिक पहचान से ऊपर मानवता, सह-अस्तित्व और एकता पर केंद्रित रहा। उन्होंने यह स्पष्ट करने की कोशिश की कि उनके अनुसार हिंदू विचार किसी धार्मिक समुदाय को भारत से बाहर करने की अवधारणा का समर्थन नहीं करता।

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