CID कोर्ट से राहत नहीं मिली तो हाईकोर्ट पहुंचे पूर्व JPSC अध्यक्ष, परीक्षा गड़बड़ी मामले में याचिका
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितता, OMR शीट से छेड़छाड़ और परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी से जुड़े मामले में जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। मामले की जांच कर रही CID की कार्रवाई के बीच आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते ने अब झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी की कार्रवाई के बाद पूर्व अध्यक्ष की ओर से पहले CID की विशेष अदालत में राहत के लिए आवेदन दिया गया था। विशेष अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद उन्होंने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है।
पूर्व अध्यक्ष का दावा- मामले में गलत तरीके से जोड़ा गया
हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में पूर्व JPSC अध्यक्ष ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ी से उनका कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है और उन्हें मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है।वहीं, जांच एजेंसी की पड़ताल में आयोग के शीर्ष पद पर रहते हुए लिए गए फैसलों और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े घटनाक्रमों की भी जांच की जा रही है। CID यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा में सामने आई कथित अनियमितताओं के दौरान आयोग के स्तर पर किस तरह के निर्णय लिए गए थे।
सरकार ने लगाए गंभीर आरोप
मामले में सरकार की ओर से अदालत में दिए गए जवाब में पूर्व अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सरकार का दावा है कि परीक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य वाले लैपटॉप को नष्ट करने की कोशिश की गई थी।सरकार के अनुसार, परीक्षा रद्द करने के संबंध में पूर्व अध्यक्ष की ओर से यह तर्क दिया गया था कि कथित धांधली इतनी व्यापक थी कि इसमें प्रभावित और अप्रभावित परीक्षार्थियों को अलग-अलग करना संभव नहीं था।
CID की जांच में कई पहलू जांच के घेरे में
JPSC की परीक्षा से जुड़े इस मामले में CID OMR शीट, परीक्षा प्रक्रिया, आयोग के निर्णयों और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों समेत कई पहलुओं की पड़ताल कर रही है।पूर्व अध्यक्ष की हाईकोर्ट याचिका पर होने वाली सुनवाई को इस मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब अदालत में दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।
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