734 करोड़ के ITC घोटाले में ED का बड़ा खुलासा, 135 फर्जी कंपनियों से 5,000 करोड़ के कथित फर्जी बिल
रांची: 734 करोड़ रुपये के कथित फर्जी GST इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) मामले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने फर्जी कंपनियों और लेनदेन के बड़े नेटवर्क का पता चलने का दावा किया है। एजेंसी के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क में करीब 135 फर्जी या कागजी कंपनियों का इस्तेमाल किया गया। इन कंपनियों के जरिए बिना वास्तविक माल या सेवा की आपूर्ति के करीब 5,000 करोड़ रुपये के कथित फर्जी इनवॉइस तैयार किए गए, जिनके आधार पर 734 करोड़ रुपये के ITC का गलत तरीके से लाभ लेने का आरोप है।
जांच इसी मामले में 30 सितंबर 2026 को ED की कार्रवाई तक पहुंची। एजेंसी ने जमशेदपुर और कोलकाता समेत कई ठिकानों पर तलाशी ली। इसके बाद जमशेदपुर के कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल और उनके बेटे राज जायसवाल को गिरफ्तार किया गया। दोनों को 1 अक्टूबर को रांची की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। 135 कंपनियां, हजारों करोड़ के कथित फर्जी इनवॉइसED की जांच के अनुसार, कथित सिंडिकेट ने ऐसी कंपनियों का नेटवर्क खड़ा किया, जिनके जरिए कागजों पर खरीद-बिक्री दिखाई गई। एजेंसी का आरोप है कि इन लेनदेन के पीछे वास्तविक माल की आपूर्ति नहीं हुई।
जांच में करीब 5,000 करोड़ रुपये के फर्जी बिल तैयार किए जाने और इनके आधार पर 734 करोड़ रुपये के ITC का कथित फर्जीवाड़ा सामने आया है। एजेंसी इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि इन फर्जी बिलों के जरिए ITC किस-किस कारोबारी इकाई तक पहुंचाया गया और उससे होने वाले आर्थिक लाभ को किस तरह आगे ट्रांसफर किया गया।
परिवार और कर्मचारियों के नाम पर कंपनियां चलाने का आरोप
ED के मुताबिक, ज्ञानचंद जायसवाल और राज जायसवाल से जुड़े कारोबारी नेटवर्क में परिवार के सदस्यों और कर्मचारियों के नाम पर संचालित कंपनियां भी जांच के दायरे में आई हैं।एजेंसी ने मां शारदा एंडेवर्स प्राइवेट लिमिटेड, मेकर्स कास्टिंग प्राइवेट लिमिटेड, केदारनाथ ट्रेक्सिम प्राइवेट लिमिटेड और जय भोले एंटरप्राइजेज जैसी संस्थाओं का उल्लेख किया है। ED का दावा है कि इन कंपनियों के माध्यम से करीब 54.33 करोड़ रुपये के कथित फर्जी ITC को रूट किया गया और बाद में रकम को निजी, रिश्तेदारों तथा संबंधित कंपनियों के बैंक खातों तक पहुंचाया गया। फर्जी ITC से बैंक खातों और संपत्तियों तक पहुंची रकम?
जांच एजेंसी अब कथित फर्जी ITC से जुड़े पैसों के पूरे प्रवाह की पड़ताल कर रही है। ED के अनुसार, रकम को अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से घुमाया गया और इसके बाद कारोबारी गतिविधियों तथा संपत्तियों में निवेश किए जाने की आशंका है।इस कार्रवाई के दौरान ED ने बैंक खातों की जानकारी, खरीद-बिक्री के इनवॉइस, GST रिटर्न, वित्तीय लेनदेन से जुड़े कागजात और कंप्यूटर, लैपटॉप, हार्ड डिस्क तथा मोबाइल फोन में मौजूद डिजिटल डेटा जब्त किया है।
CA के ठिकाने से भी मिले दस्तावेज
जांच का एक अहम पहलू चार्टर्ड अकाउंटेंट संजय पारेख से जुड़ा है। ED ने उनके ठिकाने पर भी तलाशी ली। एजेंसी के मुताबिक, वहां से ऑडिट पेपर, GST फाइलिंग रिकॉर्ड और बैलेंस शीट समेत कई दस्तावेज मिले हैं।अब जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित फर्जी इनवॉइस तैयार करने और बिना वास्तविक आपूर्ति के ITC क्लेम करने की प्रक्रिया में संबंधित लोगों की क्या भूमिका थी।
पहले भी हुई थी कार्रवाई, 63 करोड़ रुपये के बैंक बैलेंस फ्रीज
यह मामला पहली बार जांच एजेंसी के सामने नहीं आया है। इससे पहले मई 2025 में भी कार्रवाई हुई थी। ED ने 8 मई 2025 को चार आरोपियों—अमित उर्फ विक्की भालोटिया, शिव कुमार देवड़ा, मोहित देवड़ा और अमित गुप्ता—को गिरफ्तार किया था। मामले में बाद की जांच में 135 फर्जी कंपनियों, करीब 5,000 करोड़ रुपये के फर्जी बिल और 734 करोड़ रुपये के कथित ITC फर्जीवाड़े का उल्लेख सामने आया।
पिछली कार्रवाई में करीब 29 लाख रुपये नकद बरामद किए जाने और कथित फर्जी कंपनियों से जुड़े बैंक खातों में मौजूद करीब 63 करोड़ रुपये फ्रीज किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। ED ने कथित अपराध से अर्जित संपत्तियों पर भी कार्रवाई की थी।
अब आगे क्या?
ज्ञानचंद जायसवाल और राज जायसवाल की गिरफ्तारी के बाद ED अब जब्त दस्तावेजों, डिजिटल डिवाइस, बैंक लेनदेन और कंपनियों के बीच हुए कथित फर्जी कारोबार की कड़ियों को जोड़ रही है।जांच एजेंसी का फोकस इस बात पर है कि 135 कंपनियों का नेटवर्क किस तरह संचालित हुआ, फर्जी इनवॉइस के जरिए ITC किसे और कैसे उपलब्ध कराया गया, कथित रकम किन खातों में पहुंची और उससे खरीदी गई संपत्तियों या कारोबार का क्या संबंध है।मामले में जांच अभी जारी है और ED के आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
