चारनॉक हॉस्पिटल्स के चौथे वार्षिक वॉकाथॉन में दिल की सेहत के लिए 500 से अधिक कोलकातावासियों ने मिलकर कदम बढ़ाए
कोलकाता: दिल की सेहत और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कोलकाता में वर्ल्ड हार्ट डे वॉकथॉन का आयोजन किया गया। चारनॉक हॉस्पिटल्स और बेलूर के रोटरी क्लब की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में 500 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। सुबह करीब 6 बजे शुरू हुई वॉकथॉन में डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मरीज, उनके परिजन, छात्र और शहर के अलग-अलग हिस्सों से आए लोग शामिल हुए। विभिन्न आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने एक साथ चलते हुए हृदय स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता का संदेश दिया
चौथी बार आयोजित हुआ कार्यक्रम
चारनॉक हॉस्पिटल्स की ओर से लगातार चौथे वर्ष वर्ल्ड हार्ट डे वॉकथॉन का आयोजन किया गया। आयोजकों के मुताबिक, इसका उद्देश्य हृदय रोगों से बचाव और स्वस्थ दिनचर्या को लेकर लोगों को जागरूक करना है।कार्यक्रम के दौरान नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित खान-पान, समय-समय पर स्वास्थ्य जांच और हृदय रोगों से जुड़े जोखिमों के प्रति सतर्क रहने पर जोर दिया गया।
डॉक्टरों के साथ मरीज और परिवार भी हुए शामिल
वॉकथॉन में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ मरीज और उनके परिवार भी शामिल हुए। आयोजकों ने कहा कि हृदय स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता केवल अस्पताल या इलाज तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे रोजमर्रा की जीवनशैली का हिस्सा बनाना जरूरी है।कार्यक्रम में परिवार के साथ स्वस्थ आदतों को अपनाने और बीमारी की रोकथाम पर भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया गया।
स्वास्थ्य की शुरुआत खुद से होती है
इस मौके पर चारनॉक ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल्स के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रशांत शर्मा ने कहा, "वर्ल्ड हार्ट डे वॉकथॉन हमारे दिल के बहुत करीब है क्योंकि यह असल में लोगों और अस्पताल के बाहर उनकी ज़िंदगी के बारे में है। हर मरीज़ किसी परिवार का हिस्सा होता है, और हर स्वस्थ आदत पूरे परिवार के लिए फ़ायदेमंद हो सकती है। पिछले चार सालों में यह वॉकथॉन एक शानदार परंपरा बन गई है, और आज 500 से ज़्यादा लोगों को एक साथ चलते हुए देखना इस बात की बेहतरीन याद दिलाता है कि अपनी सेहत का ध्यान रखना हममें से हर एक से शुरू होता है।
इलाज के साथ बचाव पर भी जोर
आयोजकों के अनुसार, इस पहल के जरिए स्वास्थ्य सेवा को केवल बीमारी के इलाज तक सीमित रखने के बजाय रोकथाम, जागरूकता और बेहतर जीवनशैली से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।कार्यक्रम में अलग-अलग आयु वर्ग के लोगों की भागीदारी रही। आयोजकों ने इसे हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की दिशा में सामुदायिक पहल बताया।
एक साथ उठे कदमों के साथ कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट रहा—दिल की सेहत का ख्याल केवल बीमारी के बाद नहीं, बल्कि स्वस्थ रहने की आदतों के साथ पहले से रखना जरूरी है।
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