अमित शाह बोले- सवालों के जवाब देने को तैयार, राहुल गांधी ने कहा- 'सुनना ही नहीं चाहते'; इस्तीफे की मांग

अमित शाह ने सवालों के जवाब देने और बहस के लिए तैयार होने की बात कही। राहुल गांधी ने प्रस्ताव खारिज करते हुए कहा कि युवा गृह मंत्री को सुनना नहीं चाहते और उनके इस्तीफे की मांग की।

Aug 12, 2026 - 15:25
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अमित शाह बोले- सवालों के जवाब देने को तैयार, राहुल गांधी ने कहा- 'सुनना ही नहीं चाहते'; इस्तीफे की मांग
अमित शाह और राहुल गांधी के बीच बहस और राजनीतिक बयानबाजी

संसद में अमित शाह की खुली बहस की पेशकश, राहुल गांधी ने ठुकराया और मांगा इस्तीफा

संसद भवन परिसर के भीतर और बाहर सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच सियासी तकरार अपने चरम पर पहुंच गई है। देश में चल रहे युवा आंदोलनों और पुलिस की कथित बर्बरता के मुद्दों पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आमने-सामने आ गए हैं।

अमित शाह की बहस की चुनौती और संसद का गतिरोध

मानसून सत्र के दौरान लगातार हो रहे हंगामे और दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार बाधित होने के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने एक बड़ा कदम उठाया। विपक्ष द्वारा सरकार पर भागने या जवाबदेही से बचने का आरोप लगाए जाने के बाद, अमित शाह ने स्पष्ट रूप से घोषणा की कि वह सदन के पटल पर हर सवाल का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार युवा आंदोलनों और उनसे जुड़ी सभी प्रशासनिक चिंताओं पर लंबी और व्यापक चर्चा के लिए पूरी तरह से तैयार है। शाह ने सवाल उठाया कि जब सरकार बहस के लिए पूरी तरह तैयार है, तो विपक्षी दल संसद की कार्यवाही क्यों ठप कर रहे हैं।

राहुल गांधी का प्रस्ताव खारिज और गृह मंत्री से इस्तीफे की मांग

गृह मंत्री की इस खुली पेशकश के कुछ ही मिनटों बाद, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संसद के बाहर प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ खड़े होकर इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया। राहुल गांधी ने दो टूक शब्दों में कहा कि देश के युवा गृह मंत्री के भाषण या स्पष्टीकरण को सुनने में बिल्कुल भी दिलचस्पी नहीं रखते हैं।

मुद्दे को सीधा प्रशासनिक जवाबदेही पर लाते हुए राहुल गांधी ने अमित शाह के इस्तीफे की मांग कर डाली। उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि गृह मंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या छात्रों पर लाठीचार्ज का आदेश उन्होंने खुद दिया था या फिर उनके नियंत्रण में चल रहे सुरक्षा बल उनकी जानकारी के बिना मनमानी कर रहे हैं। गांधी ने तर्क दिया कि यदि वे इसके लिए जिम्मेदार हैं तो उन्हें पद छोड़ देना चाहिए।

इस तीखी बयानबाजी के बाद संसद में किसी भी प्रकार के राजनीतिक समझौते के आसार फिलहाल खत्म होते नजर आ रहे हैं, और दोनों खेमे युवाओं के मुद्दों पर आर-पार की लड़ाई के मूड में दिख रहे हैं।

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